
किसके लिए है
- ऊपर की पलक पर त्वचा की तह, जिससे आँखें छोटी या थकी दिखती हैं
- पलक की त्वचा जो बरौनियों (आईलैशेज़) को छूने लगी है या देखने में रुकावट डालती है
- आँख के नीचे फूली हुई थैली, जो नींद पूरी होने पर भी नहीं जाती
- जो लोग आँखों के आसपास फ़िलर या बोटॉक्स लगवाते हैं और लंबे समय का बदलाव चाहते हैं
पलक, भौंह या थैली: पहले कारण पहचानें
| आपको क्या दिखता है | आम कारण | इलाज |
|---|---|---|
| ऊपर की पलक पर लटकती त्वचा | उम्र के साथ पलक की त्वचा ढीली | ऊपर की ब्लेफ़रोप्लास्टी |
| भौंह नीचे आ गई, त्वचा पलक पर दबी | भौंह का गिरना | ब्रो लिफ़्ट, या दोनों साथ |
| आँख के नीचे फूली थैली | चर्बी का आगे खिसकना | नीचे की ब्लेफ़रोप्लास्टी |
| आँख के नीचे गड्ढा और काला घेरा, थैली नहीं | वॉल्यूम कम होना | अंडर-आई फ़िलर |
ऊपर की पलक का ऑपरेशन
ऊपर की पलक से अतिरिक्त त्वचा की एक पट्टी, और ज़रूरत हो तो थोड़ी मांसपेशी और चर्बी, निकाली जाती है। कट पलक की प्राकृतिक सिलवट में होता है। यह आम तौर पर लोकल एनेस्थीसिया में होता है और लगभग एक घंटा लगता है।
नीचे की पलक का ऑपरेशन
आँख के नीचे की थैली असल में आगे खिसकी हुई चर्बी होती है। इस चर्बी को निकाला जाता है या नीचे के गड्ढे (टियर ट्रफ़) में खिसका दिया जाता है, और ज़रूरत हो तो अतिरिक्त त्वचा हटाई जाती है। कट पलकों के ठीक नीचे या पलक के अंदर की तरफ़ होता है।
रिकवरी
- पहले 1–3 दिन: सूजन और नीले-पीले निशान। ठंडी सिकाई और सिर ऊँचा रखकर सोएँ।
- 5–7 दिन: टाँके निकाले जाते हैं।
- 2 हफ़्ते: ज़्यादातर नीलापन चला जाता है, मेकअप कर सकते हैं।
- 3 महीने: अंतिम, स्थिर नतीजा।
पहले कुछ दिन मोबाइल और टीवी कम देखें और दी गई आई ड्रॉप समय पर डालें।
किन्हें पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए
- आँख बहुत सूखने (ड्राई आई) की शिकायत या पहले LASIK हुआ हो
- थायरॉइड की बीमारी जिसमें आँख बाहर आती हो
- ग्लूकोमा या आँख की कोई और बीमारी
- खून पतला करने की दवा लेने वाले
- बिना कंट्रोल की डायबिटीज़ या ब्लड प्रेशर
डॉ. विक्रांत क्यों
डॉ. विक्रांत रंजन MCh प्लास्टिक सर्जन हैं और उन्होंने मुंबई और अहमदाबाद में एस्थेटिक सर्जरी की ट्रेनिंग ली है। वे आँख के पूरे हिस्से को साथ देखते हैं: पलक, भौंह और आसपास की त्वचा। जहाँ सर्जरी से बेहतर बोटॉक्स या फ़िलर रहे, वहाँ वही सलाह देते हैं। सभी खर्च प्राइस लिस्ट में देखें। हिंग्लिश में पढ़ें: aankh ki latakti palak ka operation।
कॉल करें: 090656 39577, झारखंड चैरिटेबल हॉस्पिटल, कांके, रांची।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रांची में ब्लेफ़रोप्लास्टी का खर्च कितना है?
डॉ. विक्रांत के यहाँ आईलिड सर्जरी दोनों आँखों के लिए ₹40,000 से शुरू होती है। ऊपर और नीचे दोनों पलकें एक साथ कराने, या चर्बी को खिसकाने वाली तकनीक में खर्च ज़्यादा होता है। जाँच के बाद पक्का खर्च बताया जाता है।
क्या निशान दिखेगा?
ऊपर की पलक का निशान पलक की प्राकृतिक सिलवट में होता है और आँख खुली होने पर छिप जाता है। नीचे की पलक का कट पलकों के ठीक नीचे या पलक के अंदर की तरफ़ होता है। दोनों कुछ महीनों में हल्के पड़ जाते हैं।
क्या लटकती पलक से देखने में दिक्कत होती है?
हाँ, हो सकती है। भारी पलक ऊपर के हिस्से का दिखना कम कर देती है और लोग माथा ऊपर खींचकर देखते हैं। ऐसे में ऑपरेशन कुछ हद तक ज़रूरत का होता है। आँख के डॉक्टर से फ़ील्ड टेस्ट कराने पर इंश्योरेंस में मदद मिल सकती है।
क्या यह भौंह उठाने (ब्रो लिफ़्ट) जैसा ही है?
नहीं। कभी-कभी असली कारण भौंह का नीचे आ जाना होता है, जो त्वचा को पलक पर दबाता है। तब सिर्फ़ पलक की त्वचा निकालने से अच्छा नतीजा नहीं मिलता। डॉ. विक्रांत भौंह की जगह देखकर बताते हैं कि ब्रो लिफ़्ट की ज़रूरत है या नहीं।
नतीजा कितने साल चलता है?
ऊपर की पलक का नतीजा आम तौर पर 10–15 साल चलता है, नीचे की पलक का अक्सर इससे भी ज़्यादा। उम्र के साथ त्वचा ढलती रहती है, लेकिन आप बिना सर्जरी की तुलना में जवान दिखेंगे।
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अंतिम समीक्षा: 2026-10-22
यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है, यह निदान या इलाज की योजना नहीं है। हर मरीज़ का परिणाम और रिकवरी अलग होती है। दिए गए खर्च शुरुआती हैं और जाँच के बाद तय होते हैं।